मिट्टी में ड्रेंचिंग का मतलब है पौधे के तने के आसपास की मिट्टी में सीधे नापी हुई मात्रा में तरल डालना, ताकि वह जड़ों तक पहुँचे। यह छिड़काव से अलग है, जिसमें तरल पत्तियों और तनों पर गिरता है।
किसान ड्रेंचिंग कब करते हैं?
ड्रेंचिंग तब की जाती है जब उत्पाद को जड़ों या मिट्टी तक पहुँचाना हो, जैसे जब लेबल पर या कृषि अधिकारी द्वारा कोई पोषक तत्व, जैव इनपुट या मिट्टी में डाला जाने वाला फ़सल सुरक्षा उत्पाद सुझाया गया हो।
मात्रा क्यों मायने रखती है
हर पौधे को तय मात्रा चाहिए। बहुत कम देने से असर नहीं होगा। बहुत ज़्यादा देने से पैसा बर्बाद होता है और जड़ों पर दबाव पड़ सकता है। मग या बोतल से हाथ से करने पर हर पौधे को एक जैसी मात्रा देना मुश्किल होता है।
केवल सामान्य मार्गदर्शन। हमेशा उत्पाद के लेबल और अपने स्थानीय कृषि अधिकारी या कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) की सलाह का पालन करें।