ड्रेंचिंग कब करते हैं, यह भी लगभग उतना ही मायने रखता है जितना यह कि कितनी मात्रा डालते हैं। सही समय पर खुराक जड़ों के पास टिकी रहती है, जहाँ पौधा उसका उपयोग कर सकता है।
- नम मिट्टी, जलभराव वाली नहीं। बहुत सूखी मिट्टी में घोल बहकर निकल सकता है। जो मिट्टी पहले से पानी से भरी हो, वह और नहीं सोख सकती और खुराक बह सकती है।
- भारी बारिश से बचें। भारी बारिश से ठीक पहले या उसके दौरान ड्रेंचिंग न करें।
- ठंडे समय का चुनाव करें। सुबह जल्दी या शाम को देर से काम करना दिन की सबसे गर्म घड़ियों की तुलना में आपके लिए और फ़सल के लिए आसान रहता है।
- फ़सल की अवस्था का ध्यान रखें। बढ़वार की अवस्था और दो बार के बीच के अंतर के लिए उत्पाद का लेबल देखें।
- लिखकर रखें। तारीख, खेत का हिस्सा, उत्पाद और मात्रा लिख लें ताकि अगले मौसम में पता चले कि क्या कारगर रहा।
सामान्य मार्गदर्शन। आपकी मिट्टी, फ़सल और क्षेत्र को अलग तरीके की ज़रूरत हो सकती है, इसलिए अपने स्थानीय कृषि अधिकारी से पूछें।